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पंजीकरण विधेयक 2025 – भ्रष्टाचार पर लगाम, प्रक्रियाएं होंगी सरल ! डिजिटल संपत्ति रजिस्ट्रेशन को निर्माण क्षेत्र का समर्थन — प्रकाश बाविस्कर, महासचिव, एमबीवीएम

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हेडलाइन:
1. ‘एक देश, एक रजिस्ट्रेशन’ से संपत्ति लेन-देन होंगे पारदर्शी और डिजिटल
2. पंजीकरण विधेयक 2025 – भ्रष्टाचार पर लगाम, प्रक्रियाएं होंगी सरल
3. डिजिटल संपत्ति रजिस्ट्रेशन को निर्माण क्षेत्र का समर्थन
— प्रकाश बाविस्कर, महासचिव, एमबीवीएम

केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित ‘पंजीकरण विधेयक 2025’ (Registration Bill 2025) के ऐतिहासिक मसौदे का मराठी बांधकाम व्यावसायिक महासंघ के महासचिव प्रकाश भीमराव बाविस्कर ने हार्दिक स्वागत किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि 1908 के पुराने कानून की तुलना में यह नया कानून देशभर में ‘एक देश – एक रजिस्ट्रेशन’ की संकल्पना को साकार करेगा।

इस विधेयक के लागू होने से पूरी संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी होगी। इसमें दस्तावेजों की ऑनलाइन अपलोडिंग, शुल्क का डिजिटल भुगतान, प्रमाणपत्र की डिजिटल प्राप्ति, आधार व बायोमेट्रिक आधारित पहचान सत्यापन, फर्जीवाड़ा रोकने के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग जैसी आधुनिक तकनीक शामिल की गई है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी, समय और खर्च बचेगा, प्रक्रिया कागजरहित व सरल होगी और नागरिकों को सीधी और भरोसेमंद सेवा मिलेगी।

इस कानून में पहली बार बिक्री अनुबंध, पावर ऑफ अटॉर्नी, विक्रय प्रमाणपत्र, मॉर्गेज आदि दस्तावेजों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, केंद्र सरकार का लक्ष्य सभी राज्यों के लिए एकीकृत संपत्ति पंजीकरण प्रणाली लागू करना है, जिससे विभिन्न राज्यों के कानूनों का भेद, देरी और भ्रष्टाचार समाप्त हो जाएगा। इस परिवर्तन से निर्माण क्षेत्र के साथ-साथ आम ग्राहक, व्यवसायी, एजेंट, वकील आदि को भी लेन-देन में आसानी, पारदर्शिता और सुरक्षा मिलेगी।

प्रकाश बाविस्कर ने कहा:
“यह कानून लेन-देन को अधिक पारदर्शी, समय और श्रम बचाने वाला और भ्रष्टाचारमुक्त बनाएगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से एजेंटों पर निर्भरता कम होगी, सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक देरी खत्म होगी और नागरिकों को सीधे व त्वरित सेवाएं मिलेंगी। यह नीति ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन के अनुरूप है। प्रॉपर्टी लेन-देन आसान होने से प्रोजेक्ट्स की लागत में भी कमी आ सकती है, क्योंकि दस्तावेज़ व प्रक्रिया खर्च कम होगा।”

फिलहाल यह विधेयक मसौदा रूप में है। केंद्र सरकार ने सभी नागरिकों, डेवलपर्स, एजेंट्स, वकीलों, संपत्ति खरीदारों-बेचने वालों और अन्य संबंधितों से 25 जून 2025 तक https://legislative.gov.in पोर्टल या जिला कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से सुझाव या आपत्तियाँ आमंत्रित की हैं। जिन लोगों ने लेन-देन में समस्याएँ, देरी या भ्रष्टाचार का सामना किया है, या जिनके पास प्रक्रिया सुधार के लिए रचनात्मक सुझाव हैं, वे अपनी प्रतिक्रिया सरकार तक अवश्य पहुँचाएँ – यही समय की आवश्यकता है।

प्रकाश बाविस्कर ने आगे कहा कि इस विधेयक से लेन-देन की जटिलताएँ दूर होंगी, समय और खर्च की बचत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और पूरे देश में संपत्ति पंजीकरण की एकीकृत और नागरिक केंद्रित नीति स्थापित होगी।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
प्रकाश भीमराव बाविस्कर
महासचिव, मराठी बांधकाम व्यावसायिक महासंघ
मो.: 9820009726

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