विज्ञापन गड़बड़ी के बाद सरकार की अग्निपरीक्षा!..अहिल्यानगर चौंडी में फिर से होगी मंत्रिमंडल बैठक…6 मई की तारीख तय
महाराष्ट्र सरकार ने 6 मई को अहिल्यानगर चौंडी में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जाएगी। यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब पिछली बार इसी जगह प्रस्तावित बैठक से जुड़े विज्ञापन की बड़ी गड़बड़ी पर सरकार विपक्ष के निशाने पर थी।
दरअसल, लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा 21 अप्रैल को प्रकाशित एक विज्ञापन में टेंडर राशि को लेकर भारी भ्रम फैल गया था। एक अखबार में विज्ञापन छपते समय अंतिम दो शून्य से पहले का दशमलव हट जाने के कारण 1.5 करोड़ रुपए की जगह गलती से 150 करोड़ रुपए छप गए थे। यह गलती सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और सरकार की जमकर आलोचना हुई।
21 अप्रैल के विज्ञापन के अनुसार, मंत्रिमंडल बैठक के संदर्भ में लोक निर्माण विभाग ने सफाई दी कि यह सिर्फ एक मुद्रण त्रुटि थी और विज्ञापन आदेश में कोई खामी नहीं थी। विभाग ने जनता के बीच फैली गलतफहमी को दूर करने के लिए स्पष्टीकरण जारी किया और भविष्य में विज्ञापनों में संख्याओं के साथ शब्दों में राशि लिखने का निर्देश दिया।
विपक्ष का हमला
हालांकि, विपक्ष इस सफाई से संतुष्ट नहीं है। विपक्षी दलों का कहना है कि इतनी बड़ी चूक से सरकार की गंभीरता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार को पहले जनता के पैसों के उपयोग में ईमानदारी दिखानी चाहिए, तभी ऐसी महंगी मंत्रिमंडल बैठकों की योजना बनानी चाहिए।
सरकार की दलील
सरकार का कहना है कि अहिल्यानगर चौंडी में 6 मई को होने वाली बैठक में ग्रामीण विकास, सिंचाई और रोजगार योजनाओं पर चर्चा होगी और सारी प्रक्रियाएं नियमानुसार पारदर्शिता के साथ होंगी।
क्या 6 मई की बैठक बनेगी सरकार की साख की अग्निपरीक्षा?
सभी की नजरें अब 6 मई की बैठक पर टिक गई हैं। पिछली गड़बड़ी से सबक लेते हुए सरकार कैसे आगे बढ़ती है और विपक्ष इसे किस तरह एक और मुद्दा बनाकर जनता के बीच उठाता है-यह देखना दिलचस्प होगा।
















