*राज्यपालांच्या हस्ते अनंत कन्हेरे यांचेवरील पुस्तकाचे प्रकाशन*
‘अनंत कन्हेरे : द बुलेट दॅट अवोक भारत’ या क्रांतिकारक अनंत कन्हेरे यांच्या जीवनावरील इंग्रजी अनुवादित पुस्तकाचे प्रकाशन गुरुवारी (दि. ६) राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा यांच्या हस्ते लोकभवन मुंबई येथे संपन्न झाले.
अनंत कन्हेरे यांच्यावरील प्रा. डॉ. म. बा. कुलकर्णी यांच्या मूळ मराठी पुस्तकाचा सदर पुस्तक अनुवाद आहे.
देशाच्या स्वातंत्र्य लढ्यात सत्याग्रह चळवळीसोबतच क्रांतिकारी राष्ट्रवादाची एक प्रभावी विचारधारा होती. या क्रांतिकारकांचे स्वातंत्र्यलढ्यातील योगदान अपेक्षित प्रमाणात गौरविले गेलेले नाही. अश्या अज्ञात क्रांतिकारकांचे जीवन, कार्य आणि त्याग यांचे दस्तऐवजीकरण स्वतंत्र लघु पुस्तकांच्या मालिकेद्वारे व्हावे, जेणेकरून नव्या पिढीला भारतीय स्वातंत्र्यलढ्याचे समग्र आकलन होण्यास मदत होईल, अशी अपेक्षा राज्यपालांनी यावेळी व्यक्त केली.
क्रांतिकारकांवरील पुस्तके मराठी, हिंदी आणि इंग्रजी भाषांमध्ये अनुवादित व्हावी असेही राज्यपालांनी सांगितले. भाषांतर हे भाषा आणि प्रदेश यांमधील दुवा म्हणून कार्य करते. त्यामुळे या राष्ट्रनायकांच्या प्रेरणादायी कथा देशभरातील जनतेपर्यंत पोहोचतील आणि सर्वांना प्रेरणा देतील, असे त्यांनी सांगितले.
प्रकाशन सोहळ्याला भारतीय विचार साधना संस्थेचे अध्यक्ष डॉ गिरीश आफळे, जयेश क्षेमकल्याणी, अनुवादक चिन्मय खेडेकर, रवींद्र संघवी तसेच इतर निमंत्रित उपस्थित होते.
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*राज्यपाल के हाथों अनंत कान्हेरे पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण*
क्रांतिकारी अनंत कान्हेरे के जीवन पर आधारित अंग्रेज़ी में अनूदित पुस्तक *‘अनंत कान्हेरे : द बुलेट दैट अवोक भारत’* का लोकार्पण गुरुवार (6 अगस्त) को महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा के हाथों मुंबई स्थित लोकभवन में सम्पन्न हुआ।
यह पुस्तक प्रो. डॉ. म. बा. कुलकर्णी द्वारा लिखित अनंत कान्हेरे पर आधारित मूल मराठी पुस्तक का अंग्रेज़ी अनुवाद है।
राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में सत्याग्रह आंदोलन के साथ-साथ क्रांतिकारी राष्ट्रवाद की भी एक सशक्त धारा रही है। इन क्रांतिकारियों के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को अपेक्षित सम्मान नहीं मिल पाया है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि ऐसे अल्पज्ञात क्रांतिकारियों के जीवन, कार्य और बलिदान का दस्तावेजीकरण स्वतंत्र लघु पुस्तकों की श्रृंखला के माध्यम से किया जाए, ताकि नई पीढ़ी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को उसकी समग्रता में समझ सके।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि क्रांतिकारियों पर आधारित पुस्तकों का मराठी, हिंदी और अंग्रेज़ी भाषाओं में अनुवाद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुवाद भाषाओं और क्षेत्रों के बीच सेतु का कार्य करता है। इससे इन राष्ट्रनायकों की प्रेरणादायी गाथाएँ देशभर के लोगों तक पहुँचेंगी और समाज को प्रेरणा देंगी।
लोकार्पण समारोह में भारतीय विचार साधना संस्था के अध्यक्ष डॉ. गिरीश आफळे, जयेश क्षेमकल्याणी, पुस्तक के अनुवादक चिन्मय खेडेकर, रवींद्र संघवी तथा अन्य आमंत्रित अतिथि उपस्थित थे।
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*Governor releases book on Anant Kanhere*
A book on the life of revolutionary Anant Kanhere, titled ‘Anant Kanhere: The Bullet That Awoke Bharat’, was released by Governor Jishnu Dev Varma at Lok Bhavan, Mumbai. The book is an English translation of the original Marathi work on Anant Kanhere authored by Prof. Dr. M. B. Kulkarni.
Speaking on the occasion, the Governor endorsed the view that the assassination of Nashik Collector A. M. T. Jackson in 1909 was “not an act of hatred, but an act of justice.” He observed that many heroes of India’s freedom struggle have remained unsung and insufficiently recognised. “Not knowing our own heroes is not merely an injustice to them; it is an injustice to society itself,” he remarked.
The Governor said that alongside the movement of Satyagraha, there existed a powerful stream of revolutionary nationalism whose contributions have not received the recognition they deserve. He stressed the need to document the lives and sacrifices of these lesser-known revolutionaries through a series of monographs, enabling younger generations to understand the freedom movement in its totality.
The Governor called for translating books on revolutionaries into Marathi, Hindi and English.
He noted that translation serves as a bridge between languages and regions, ensuring that the stories of these national heroes inspire people across the country and transcend linguistic barriers.
Dr. Girish Aphale, President of the Bharatiya Vichar Sadhana Sanstha, Jayesh Kshemkalyani, translator Chinmay Khedekar, Ravindra Sanghavi and other invitees were present.
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